खतौली। क्षेत्र के भैंसी गांव में सोमवार सुबह उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब परिवहन विभाग की टीम ने एक स्कूल वैन को रोककर उसकी जांच शुरू कर दी। वैन में बैठे बच्चों और अभिभावकों के सामने अचानक हुई इस कार्रवाई से माहौल गरमा गया। अधिकारियों ने जैसे ही वैन के कागजात खंगालने शुरू किए, गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप था कि अधिकारी केवल स्कूल वैन को निशाना बना रहे हैं, जबकि क्षेत्र में दर्जनों वाहन रोज़ाना बिना रोक-टोक के चलते हैं। इस पर ग्रामीणों और टीम के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। ग्रामीणों का कहना था कि जांच की आड़ में अधिकारी अवैध वसूली करने आए हैं। उनका आरोप था कि जांच में पारदर्शिता नहीं है और केवल स्कूली बच्चों को ले जाने वाले वाहन को ही टारगेट किया गया। गांव के ही जतिन अहलावत ने सबसे आगे आकर एआरटीओ टीम का विरोध किया। उन्होंने कहा कि अगर जांच करनी है तो पूरे क्षेत्र में सभी वाहनों की होनी चाहिए। केवल एक ही स्कूल वैन को रोककर कार्रवाई करना गलत है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच जबरदस्त बहस देखने को मिली। वैन में सवार बच्चों के अभिभावक भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अधिकारियों से गुहार लगाई कि कम से कम बच्चों को स्कूल जाने दिया जाए, क्योंकि आज उनका एग्जाम था। नाराज अभिभावकों ने कहा कि अगर कार्रवाई करनी है तो परीक्षा के बाद वैन को सीज कर लिया जाए, लेकिन बच्चों की पढ़ाई से खिलवाड़ न हो। जांच के नाम पर सिर्फ़ स्कूल वैन को निशाना बनाया जा रहा है। अधिकारियों की मंशा ग्रामीणों को सही नहीं लगी। बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा से खिलवाड़ हुआ। कुछ समय बाद मौके पर भीड़ छंट गई और मामला शांत हो गया।
एआरटीओ सुशील मिश्रा ने बताया कि वैन की फिटनेस समाप्त हो गई थी। कई दिनों से चालको को सूचना दी गई थी कि गाड़ी की फिटनेस करा लें अन्यथा गाड़ी सीज हो जाएगी।






