खतौली। इस बार का प्रसिद्ध छड़ियों का मेला अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। लगातार हो रही बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी मेला पूरी तरह परवान नहीं चढ़ पाया है। जगह-जगह गंदगी का आलम है, वहीं मनोरंजन स्थल पर लगी झूलों की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विश्वकर्मा मंदिर के पीछे लगाए गए झूला स्थल पर सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। यहां नंगी तारें चिंगारी छोड़ रही हैं, जिससे झूलों में करंट उतरने का खतरा बना हुआ है। वहीं, दलदली जमीन पर लगाए गए झूले कभी भी धंस सकते हैं, जिससे बड़ी दुर्घटना की आशंका जताई जा रही है। बारिश के चलते झूला स्थल की कच्ची जमीन फिसलन भरी हो गई है, जिसके कारण आगंतुकों के चोटिल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। हालात को देखते हुए एसडीएम और सीओ ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हिंडोला झूले को बंद करवा दिया, लेकिन शेष झूले अभी भी जोखिम के बीच संचालित हो रहे हैं। ठेकेदारों द्वारा जमीन को दुरुस्त किए बिना झूलों का संचालन शुरू कर दिया गया, जिससे हादसे की संभावना और बढ़ गई है। इस लापरवाही को लेकर स्थानीय जागरूक लोगों में रोष है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही अव्यवस्थाओं पर काबू नहीं पाया गया तो मेले की रौनक फीकी पड़ जाएगी और कभी भी बड़ा हादसा घट सकता है।






