मुजफ्फरनगर। थाना नईमंडी क्षेत्र के ग्राम कूकड़ा में एक परिवार पर दबंगों द्वारा जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़ित अमरीश पुत्र निरंजन निवासी ग्राम कूकड़ा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर घटना की विस्तृत जानकारी दी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
एसएसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ित ने बताया कि दिनांक 13 अगस्त 2025 की रात लगभग 8 बजे वह अपने घर पर परिवार के साथ पूजा कर रहा था। इसी दौरान गांव के भैय्या जी, चांद, पोला, बबलू, राजा आदि लोग शराब पीकर घर के सामने गाली-गलौच करने लगे। जब उसने और उसकी पत्नी ने उन्हें मना किया तो आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी दी। कुछ देर बाद आरोपियों के साथ पदम, असलम, यामीन, शाहरुख, तालिब, सलमान, इजराइल उर्फ हाथी, गुलबहार, सद्दाम, बीडी, मोनू, साहिल, आज़म सहित कई लोग हथियारों से लैस होकर उसके के घर में घुस आए और उसको व उसकी पत्नी को गाली देते हुए घर से बाहर खींच लाए। उसने आरोपी लगाया कि भीड़ ने उसकी की पत्नी के साथ अभद्रता की और उसके कपड़े फाड़ दिए। शोर सुनकर पड़ोसी अविनाश पुत्र)षिपाल, सागर पुत्र बाबूराम, गोविन्द पुत्र भंवर सिंह और कपिल पुत्र निरंजन बचाने आए तो हमलावरों ने उन पर भी लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में चारों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित पक्ष के अनुसार, हमलावर आज़म पुत्र मौसम ने एक व्यक्ति की छाती पर तमंचा तान दिया और हवाई फायर कर दहशत फैलाई। पीड़ित का आरोप है कि सभी हमलावर जातिसूचक गालियां देते हुए गांव से उन्हें पलायन करने की धमकी देते रहे। घटना के बाद सभी घायलों का मेडिकल कराया गया और थाना नईईमंडी पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने भैय्या जी उर्फ नूर आलम, बबलू पुत्र रज्जाक और सद्दाम पुत्र अबरार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़ित ने बताया कि हमले में शामिल पदम पुत्र तोता का नाम एफआईआर में दर्ज नहीं हो सका, जबकि वह हमलावरों में मौजूद था। पीड़ित का आरोप है कि पदम व उसका बेटा तालिब लंबे समय से गांव में सट्टे का अवैध कारोबार कर रहे हैं, लेकिन पुलिस की मिली भगत के चलते उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। इसके अलावा, यामीन व चांद पर गांजे के अवैध कारोबार का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और फैसले के लिए दबाव बना रहे हैं। यहां तक कि पीड़ित के रिश्तेदारों के घर जाकर धमकी दी जा रही है और पुलिस की मौजूदगी में वीडियो बनाए जा रहे हैं। पीड़ित अमरीश ने एसएसपी से गुहार लगाई कि मुकदमे में नामजद सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए और पदम पुत्र तोता का नाम एफआईआर में जोड़ा जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।






