मुजफ्फरनगर। शिव चैक पर स्कार्पियों से पुलिसकर्मियो की कुचलने का प्रयास करने वाले युवकों को मिले सबक के खिलाफ भाकियू अब मुखर हो गई है। भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी की अगुवाई में पदाधिकारियों ने जेल पहुंचकर कड़ा एतराज जताया है। उनका कहना था कि कार्यवाही के नाम पर उन पर ज्यादती की गई है। पिटाई के कारण उनके शरीर नीले पडे़ हुए है। इस मामले में भाकियू पुलिस और प्रशासन से मिलकर अपनी नाराजगी जताने के साथ दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग करेगी। शिव चैक पर पांच दिन पहले पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत की अगुवाई में चल रही चैकिंग के दौरान स्कार्पियों सवार चार युवकों की अनारकी सामने आई थी। पुलिस ने संदिग्ध मानकर स्कार्पियों को रोका था, लेकिन चालक ने रूकने के बजाए कार को दौड़ा दिया था, जिस कारण कई पुलिसकर्मी उसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गए थे। हालांकि बाद में पुलिस ने घेराबंदी कर स्कार्पियों चार युवकों को दबोच लिया था। पुलिस ने सबक सिखाने के बाद हत्या के प्रयास की धारा में उनका चालान कर दिया था। स्काॅर्पियो पर भारतीय किसान यूनियन का झंडा भी लगा हुआ था। उस समय भाकियू नेताओं ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन किया था। कई दिन की कश्माकश के बाद स्कार्पियों सवार युवकों के समर्थन में भाकियू उतर गई है। भाकियू जिला अध्यक्ष नवीन राठी, पूर्व जिला अध्यक्ष धीरज लाठियान, पुरकाजी चेयरमैन जहीर फारुकी और भाकियू बिजनौर के जिलाध्यक्ष के साथ सोमवार को जिला कारागार पहुंचे। भाकियू नेताओं ने जेल में बंद युवकों से बात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई के नाम इन युवकों के साथ ज्यादती की है। पुलिस को देखकर स्कार्पियों सवार युवक घबरा गए थे, उनका जितना जुर्म था, उतनी की कार्रवाई होनी चाहिए। जो धारा लगाई है, वह सब गलत है। उनकी गाड़ी भी सीज की और 307 धारा लगाकर उनको जेल कराई हमारा कहना है कि यह तो प्रशासन अपने रवैया को ठीक कर ले नहीं तो चार दिन बाद बहुत बड़ा कुछ होगा। इस मामले में वो अधिकारियों से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे। हत्या की प्रयास की धारा को तत्काल हटाई जाए।






