जेल गए सप्लायर बंटी गैंग से जुड़े सदस्यों से 3 पिस्टल, आठ तमंचे और 20 कारतूस बरामद
10 हजार के ईनामी नाबालिग के पिता उत्तराखण्ड के हरिद्वार जिले में हेड कांस्टेबल के रूप में तैनात
मुजफ्फरनगर। सोशल मीडिया पर कारतूस से अपना नाम लिखकर दबंगई दिखाने के नए खेल का खुलासा हुआ है। शाहपुर पुलिस ने नाबालिग समेत तीन सप्लायरों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से तीन पिस्टल, 8 तमंचे और 20 कारतूस बरामद किए है। नाबालिग के पिता उत्तराखंड में हैड कांस्टेबल है। गिरोह का सरगना फिरोज उर्फ बंटी भोपा थाने से हथियारों की तस्करी में जेल जा चुका है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने एसपी देहात आदित्य बंसल के साथ हथियारों की खरीद फरोख्त करने वाले गैंग के खिलाफ हुई कार्यवाही को मीडिया से साझा किया। उन्होंने बताया कि भोपा पुलिस ने चार अगस्त को फिरोज अंसारी उर्फ बंटी समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनसे बड़ी संख्या में अवैध हथियार बरामद हुए थे। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस हथियारों की सप्लाई से जुडे़ सदस्यों की टोह में जुटी हुई थी। इसी बीच शाहपुर थानाध्यक्ष मोहित चैधरी को जानकारी मिली कि कुछ लोग अवैध हथियारों की सप्लाई देने के लिए आ रहे है। पुलिस ने घेराबंदी करते हुए प्रणव निवासी खेड़ा जट, अनस निवासी ताशीपुर थाना मंगलौर को तीसरे नाबालिग साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में इनके पास से 32 बोर की तीन पिस्टल, आठ तमंचे और 20 कारतूस बरामद किए है।
एसएसपी वर्मा ने बताया कि पकड़ा गया नाबालिग सबसे शातिर है, वो दबंगई दिखाने के लिए कारतूस से अपना नाम लिखकर सोशल मीडिया पर प्रदर्शित करता है। उसके पिता उत्तराखंड पुलिस में हैड कांस्टेबल और फिलहाल हरिद्वार जिले के एक थाने में तैनात है, जबकि उसका भाई एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। आरोपी पर भोपा पुलिस की तरफ से 10 हजार रूपये का ईनाम घोषित था। आरोपी काफी समय से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त है। एसएसपी ने पुलिस टीम को 20 हजार रूपये का पुरस्कार देने की घोषणा की। पत्रकार वार्ता में सीओ भोपा देवव्रत वाजपेयी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।







