मुजफ्फरनगर। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पीडब्लूडी के सेवानिवृत्त अभियंता से डिजीटल अरेस्ट के नाम पर 33 लाख रूपये हड़पने वाले गिरोह के मास्टर मांइड राजू को दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। यह गैंग अब तक 24 करोड़ से अधिक की ठगी कर चुका है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने एसपी देहात इंदू सिद्धार्थ के साथ साइबर क्राइम थाना पुलिस के गुडवर्क को मीडिया के साथ साझा कि। उन्होंने बताया कि सितंबर माह में पीडब्लूडी के सेवानिवृत्त अभियंता से डिजीटल अरेस्ट के नाम पर 33 लाख हडप लिए गए थे। साइबर थाने में मुकदमा दर्ज करने के बाद एसपी क्राइम इंदू सिद्धार्थ की अगुवाई में पुलिस साइबर ठगों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है। दो आरोपी पहले ही पकडे गए थे, लेकिन मास्टर मांइड राजू अपने साथियों के साथ फरार था। साइबर थाना पुलिस ने साक्ष्यां का संकलन करने के बाद आरोपी राजू पुत्र दीपक कुमार निवासी भिलाई छत्तीसगढ़ और उसके साथी संदीप सिहं उर्फ सुन्नी पुत्र लखविंदर सिहं निवासी अमृतसर पंजाब, अमन सिन्हा पुत्र अशोक सिन्हा निवासी छत्तीसगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि आरोपियों के पास से छह मोबाइल, सिम कार्ड, आधार कार्ड, पास बुक बरामद हुई है। यह गैंग अब तक 24 करोड रूपये से अधिक की साइबर ठगी कर चुकी है। देश के कई राज्यों में ठगी से जुड़े 16 मुकदमे दर्ज है। उन्होंने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की।






