खतौली। क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय किक्की जैन वसूली गैंग की परतें अब तेजी से खुलती नजर आ रही हैं। बीती सांय पुलिस ने दबे-छिपे किक्की जैन के संपर्क में रहने वाले कई संदिग्धों को थाने बुलाकर गहन पूछताछ की। हालांकि मुख्य आरोपी विनय उर्फ किक्की जैन अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है, लेकिन उसके गिरफ्त में आते ही पूरे गैंग की काली दुनिया उजागर होने की उम्मीदें तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, किक्की के मोबाइल फोन में वसूली गैंग की पूरी ‘काली किताब’ दर्ज है। कौन किस निर्माणाधीन भवन पर दबाव बनाने गया, किससे कितनी रकम ली, और किन-किन लोगों की मिलीभगत से यह अवैध नेटवर्क चलता रहा। बताया जा रहा है कि एमडीए के जेई द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में भी गैंग की गतिविधियों और धमकियों का साफ-साफ जिक्र है।किक्की जैन और उसके साथियों ने निर्माणाधीन भवनों की शिकायत को हथियार बनाकर पूरे क्षेत्र में दहशत फैला रखी थी। शिकायतें कर कार्रवाई का डर दिखा कर मोटी रकम वसूली जाती थी। इस वसूली के खेल में गैंग के शातिर सदस्य किक्की के ‘फील्ड एजेंट’ की भूमिका निभाते थे। उनका काम जगह चिन्हित करना, ठेकेदारों व मकान मालिकों पर दबाव बनाना और रकम की वसूली सुनिश्चित करना था। वसूली का यह जाल जितना गहरा था, उतना ही खौफनाक भी। स्थानीय निवासी लगातार दहशत में थे, लेकिन गैंग के प्रभाव और दादागिरी के चलते खुलकर कोई सामने नहीं आ पा रहा था। अब जब पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू किया है, गैंग के कई सदस्य अपने-अपने बचाव अभियान में जुट गए हैं। कुछ शातिर तो इस समय एसआईआर प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं, ताकि खुद को प्रशासन के मददगार और सुधरे हुए चेहरे के रूप में पेश कर सकें। फिलहाल पुलिस की निगरानी कई संभावित सहयोगियों और संदिग्धों पर है। लेकिन क्षेत्र में चर्चा इस बात की है कि किक्की जैन के पकड़े जाने के बाद खुलासे इतने चौंकाने वाले होंगे कि वसूली के इस काले खेल में शामिल हर चेहरा बेनकाब होकर सामने आ जाएगा।पुलिस का दावा है कि इस बार पूरा गैंग कानून के शिकंजे से नहीं बच पाएगा और खतौली के लोगों को लंबे समय से चल रही इस दहशत से जल्द छुटकारा मिल सकता है।






