मुजफ्फरनगर। चरथावल ब्लॉक के ग्राम दूधली में लंबे समय से चल रही चकबंदी प्रक्रिया में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुक्रवार को किसान मजदूर संगठन ने जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। संगठन के युवा जिला अध्यक्ष बिल्लू राणा के नेतृत्व में किसानों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। किसानों ने आरोप लगाया कि चकबंदी प्रक्रिया में नक्शा-5 के वितरण के समय भूमि की कीमतें गलत निर्धारित की गईं, जिसमें अव्वल भूमि और भूड भूमि दोनों की कीमत एक समान कर दी गई। इसके चलते कई किसानों के रकबे अधूरे रह गए हैं। किसानों का कहना है कि नक्शा-11 अभी तक सुनाया नहीं गया, फिर भी नक्शा-23 का वितरण कर दिया गया, जो नियमानुसार नहीं है। संगठन के अनुसार, एसीओ अजय कुमार पर किसानों से धन लेकर अव्वल भूमि में भूड भूमि के हवाई चक बनाने का आरोप है। किसानों का कहना है कि गांव के लगभग 80-90 प्रतिशत किसानों के 6-6 चक बना दिए गए हैं, जिससे भारी असंतोष व्याप्त है। संगठन ने जिलाधिकारी से मांग की है कि ग्राम दूधली का नक्शा-23 तत्काल रद्द कराते हुए फिर से नक्शा-5 से प्रक्रिया शुरू की जाए, और 2 प्रतिशत कटौती के साथ किसानों की सहमति से नए सिरे से चक बनाए जाएं। बिल्लू राणा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो किसान मजदूर संगठन व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगा।






