मुजफ्फरनगर। शिव सेना पश्चिमी उत्तर प्रदेश ने गोरखपुर में शिव सेना प्रदेश महासचिव मनोज दूबे पर हुए हमले और धमकी प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में शिव सेना पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को सौंपा।
शिव सेना पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रमुख ललित मोहन शर्मा और जिला अध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि 10 मई 2025 को गोरखपुर निवासी मनोज दूबे पर लोक निर्माण विभाग खंड-3 के अभियंता बी.एस. सिंह, वज्र कुमार सहित 10-15 अज्ञात लोगों ने हमला कर जान से मारने की कोशिश की। आरोप है कि मनोज दूबे ने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर किया था, इसी कारण उन्हें निशाना बनाया गया। हमलावरों ने उनके साथ मारपीट, गाली-गलौच की और मोबाइल छीन लिया।शिव सेना नेताओं का कहना है कि घटना की सूचना 112 नंबर पर दी गई थी और सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध है, बावजूद इसके अब तक थाना चौकी स्तर पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। उल्टा पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के दबाव में मनोज दूबे पर ही गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया। शिव सेना ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, आरोपित अभियंताओं व अन्य लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए, पीड़ित मनोज दूबे को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए तथा उन पर लगाए गए गंभीर धाराओं को निरस्त कर जेल से रिहा किया जाए। साथ ही लोक निर्माण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। शिव सेना पदाधिकारियों ने कहा कि यदि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो आम जनता का मनोबल टूट जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से शीघ्र निष्पक्ष कार्रवाई कर पीड़ित को न्याय दिलाने की अपील की है।






