मुजफ्फरनगर। महामंडलेश्वर गीता मनीषी स्वामी श्री ज्ञानानंद जी महाराज के सान्निध्य में सहारनपुर स्थित बाला जी धाम मंदिर परिसर, बेहट रोड पर आयोजित दिव्य गीता सत्संग के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। इस अवसर पर स्वामी जी ने श्रीमद्भगवद्गीता के गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गीता के 18 अध्याय, महाभारत युद्ध के 18 दिन और 18 अक्षौणी सेना का विशेष आध्यात्मिक महत्व है।
उन्होंने कहा कि मनुष्य को जो भी सामर्थ्य और सफलता प्राप्त होती है, वह ईश्वर की कृपा का प्रसाद है। जीवन में अहंकार त्यागकर भक्ति, कर्तव्य और समर्पण भाव से कार्य करना ही गीता का संदेश है। सत्संग में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रवचन का रसपान किया। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पाठ, हनुमान जी एवं गीता माता की आरती की गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता परिवार, मुजफ्फरनगर से अतुल कुमार गर्ग, रामबीर सिंह, सुभाष गर्ग, राजकुमार सहित अन्य श्रद्धालु भी उपस्थित रहे। सभी ने सत्संग का आनंद लेते हुए स्वामी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्री कृष्ण कृपा परिवार समिति सहारनपुर द्वारा मुजफ्फरनगर से पधारे श्रद्धालुओं का स्वागत-सम्मान किया गया। यह जानकारी श्री कृष्ण कृपा परिवार, मुजफ्फरनगर के महामंत्री अतुल कुमार गर्ग ने दी।





