मोरना, बिहारगढ में तीन दिवसीय खुशहालिया उर्स जारी है। शुक्रवार को आयोजित कुल शरीफ में क्षेत्र व दूरदराज से आए अकीदतमंदों ने भारी संख्या में भाग लिया। इस दौरान विशेष दुआ मांगी गयी तथा विशाल लंगर का आयोजन किया गया। मोरना क्षेत्र के बिहारगढ़ में हजरत ख्वाजा पीर खुशहाल के 9वें उर्स का आयोजन पूर्व की भांति धार्मिक आस्था और श्रद्धा के साथ किया जा रहा है। कुल शरीफ के दौरान मैसूर से आये सूफी सय्यद सलीम ने खास दुआ कराई। पीरानी नाजिया आफरीदी ने अपने संदेश में कहा कि हजरत पीर ख्वाजा खुशहाल मियां ने इस स्थान पर अल्लाह की इबादत कर इस स्थान को पवित्र बनाया। उनके असंख्य अनुयायी आज भी उनसे फैज हासिल कर रहे हैं। ख्वाजा खुशहाल एक महान सूफी थे। प्रत्येक के लिए उनकी दुआओं का खजाना खुला था और खुला रहेगा। हजरत ख्वाजा खुशहाल ने अल्लाह की इबादत कर एक खास मरतबा एक विशेष मुकाम हासिल किया। सुनसान जंगल में जहां जंगली जानवरों का भी खतरा हो उस स्थान को एकांत के लिए चुना और अपनी सारी जिंदगी अल्लाह की इबादत मे लगा दी। उनकी दुआओं से अकीदaतमंद सदैव के लिए लाभान्वित होते रहेंगे। कार्यक्रम के दौरान जिक्रे इलाही व शब्बेदारी भी हुई व तबर्रूक का वितरण किया गया। रामपुर से आये कव्वाल जावेद व उनके हमनवा ने सुफियाना कलाम की प्रस्तुति दी, जिस पर उपस्थित अकीदमंद मंत्रमुग्ध हो गये। इस दौरान मुख्य रूप से सूफी ताजीम इलाही, मौ. हयात शेख, मौ. फैसल, अब्दुल वाहिद, शुजाअत अली आदि मौजूद रहे। विशाल लंगर में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भोजन ग्रहण किया।






