पुरकाजी। क्षेत्र के गांव धमात में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और फसल सुरक्षा की जानकारी देने के उद्देश्य से किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। फार्मर ट्रेनिंग प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित इस गोष्ठी में वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसलों में लगने वाली बीमारियों, उनके लक्षण और बचाव के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
गोष्ठी का आयोजन किसान चौधरी रतन सिंह के आवास पर किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने सहभागिता की। विशेषज्ञ पैनल में निदेशक, कृषि विज्ञान केंद्र, मुजफ्फरनगर डॉ यशपाल सिंह, डॉ. राजबीर सिंह (प्रोफेसर, रामपुर मनिहारान) और डॉ. संदीप सिंह (एडवाइजर जनरल, पेस्टिसाइड्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) शामिल रहे। वैज्ञानिकों ने किसानों को गेहूं और गन्ने की प्रमुख बीमारियों की पहचान और रोकथाम के उपाय बताए। उन्होंने बताया कि फरवरी माह के बाद गेहूं की फसल में पीला पड़ना यैलो रस्ट रोग का संकेत होता है। वहीं फरवरी-मार्च में बारिश के कारण खेतों में नमी बढ़ने से गेहूं में करनाल बंट रोग की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे समय पर उचित दवाइयों का सही मात्रा में छिड़काव आवश्यक है। इसके अलावा गेहूं की पीली रतुआ तथा गन्ने की प्रमुख बीमारियों लाल सड़न, सूखा और पोक्का रोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। गोष्ठी के दौरान विशेषज्ञों ने उर्वरक और कीटनाशकों के संतुलित उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने किसानों को दवाइयों की निर्धारित मात्रा, सही समय और सुरक्षित तरीके से छिड़काव करने की विधि समझाई। साथ ही बताया कि बची हुई दवाइयों को उनकी एक्सपायरी तिथि अंकित कर सुरक्षित और एकांत स्थान पर रखें, ताकि भविष्य में सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा सके। दवा छिड़काव के दौरान दस्ताने और मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से करने की सलाह भी दी गई, जिससे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों से बचा जा सके। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने किसानों से वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने और कीटनाशकों का जिम्मेदार व सुरक्षित उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसानों को बुवाई का सही समय, बीज और दवाइयों की गुणवत्ता की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। आधुनिक दौर में किसान तकनीक और इंटरनेट, विशेषकर गूगल जैसी सुविधाओं की मदद से उन्नत खेती कर बेहतर उत्पादन और मुनाफा कमा सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आधा दर्जन किसानों को सम्मानित भी किया गया। गोष्ठी में चौधरी रतन सिंह, अमित चौधरी, बबलू गुर्जर, प्रेम सिंह, धर्मवीर, ओमपाल सिंह, डॉ. अनिल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।






