मुजफ्फरनगर। रामपुरी-लददावाला के अंजुमन टस्ट कब्रिस्तान अंसारियान की 800 गज जमीन गडबडझाला उजागर हुआ है। आक्रोशित नागरिकों ने कब्रिस्तान के संरक्षक पर अपने के परिवार के लोगों के नाम पांच बैनामे करने का आरोप लगाते हुए एसडीएम सदर से शिकायत की है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आरोपी पक्ष लगातार अपनी भूमि बताकर कब्रिस्तान की भूमि पर कब्जा करने की फिराक में है। ऐसे में कभी भी कोई बडी अनहोनी हो सकती है।
रामपुरी और लददावाला के नागरिकों ने शनिवार को सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी की अगुवाई में एसडीएम कार्यालय पहुंचकर कब्रिस्तान के संरक्षक और उनके परिवार के खिलाफ आक्रोश जाहिर किया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कब्रिस्तान की देख-रेख के लिए संरक्षक बनाए गए मौहम्द राशिद कब्रिस्तान भूमि खसरा नंण् 382/1, 382/3 और 382/4 का वसीयतनामा धोखाधड़ी करके अपने नाम और परिचितों के नाम करा लिया। बताया गया है कि राशिद ने कब्रिस्तान की आमदनी का उपयोग निजी कार्यों में किया कब्रिस्तान की ईटें और पेड़ बेच दिए और घास कटाई व अमरूद के पेड़ों के ठेके का हिसाब समाज को नहीं दिया। इसके बाद समाज ने कब्रिस्तान की देखरेख अंजुमन ट्रस्ट को सौंप दी, जो सरकारी रूप से रजिस्टर्ड है और इसे ठीक से प्रबंधित कर रही है। अंसारियान समाज का आरोप है कि राशिद और उसके पुत्र अपने परिचित के साथ कब्रिस्तान पर कब्जा करने और समाज में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने धमकी दी है कि यह उनकी निजी संपत्ति है और किसी शव को दफन नहीं होने देंगे।
प्रदर्शनकारियों के साथ डा फुरकान मलिक का कहना है कि कब्रिस्तान की 800 गज भूमि के पांच बैनामे किए गए है। ये तमाम बैनामे संरक्षक ने अपने परिवार और परिचितों के नाम किए है। उनका कहना था कि कब्रिस्तान मौहम्मद राशिद की निजी संपत्ति नहीं है। करीब 50 साल से यह भूमि कब्रिस्तान के रूप में दर्ज है। यहां पर नगर विधायक रहे चितंरजन स्वरूप की निधि से कब्रिस्तान की चार दीवारी कराई गई थी। एसडीएम के नाम दिए गए शिकायती पत्र में लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय पर कार्रवाई नहीं कीए तो विवाद हिंसक रूप ले सकता है। उन्होंने एसडीएम से मांग की कि तहसीलदार सदर को आदेशित किया जाए कि मामले की सही जांच कर शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।







