मुजफ्फरनगर। आरडीएफ के नाम पर दूसरे प्रदेशों से औद्योगिक इंकाइयों में जलाने के लिए आ रहे कचरे-पन्नी के विरोध में अब किसान संगठन आर-पार के मूड में आ गए है। भाकियू अराजनैतिक के देर रात हुए अर्धनग्न प्रदर्शन के बाद भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने भी 24 दिसंबर को भोपा रोड पर पंचायत का ऐलान कर दिया। किसान संगठनों का कहना है कि आम जनमानस की सांसों के लिए खतरा बने कचरे भरे वाहनों को अब जिले में प्रवेश नहीं होने दिया जाएगा।
आरडीएफ के नाम पर दूसरे प्रदेशों से कचरा, पन्नी आदि गंदगी का सिलसिला काफी समय से चल रहा है। आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक अकेले इसके खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे थे। जिले के प्रदूषण ने नया कीर्तिमान स्थापित किया तो कचरा-पन्नी किसान संगठनों की नजरों में चढ़ गया। भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक सबसे पहले शनिवार को उसके खिलाफ मुखर हुई। राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक की अगुवाई में आरडीएफ के नाम पर कचरा ला रहे तीन ट्रकों को पकड़ा गया।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देश पर एसडीएम जानसठ और प्रदूषण विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच में साफ हुआ कि आरडीएफ नहीं, बल्कि आरडीएफ के नाम पर म्युनिसिपल कचरा लाया जा रहा था, जिसमें केमिकल युक्त कपड़े, रबर, टायर और यहां तक कि मरे हुए पशु बंदर व कुत्ते भी शामिल थे। आक्रोशित किसानों ने बिंदल डुप्लेक्स के सामने कपड़े उतारकर अर्धनग्न प्रदर्शन किया। देर रात किसानों की मांगें मानी गई। तीनों ट्रक जब्त कर पुलिस कस्टडी में दिए गए। साथ ही प्रशासनिक घोषणा हुई मुजफ्फरनगर में गीला कूड़ा लेकर आने वाला हर ट्रक जब्त होगा। औद्योगिक परिसरों का सघन निरीक्षण होगा जिसके भी प्रांगण में गीला कूड़ा या अवैध ईंधन जलता मिलेगा, उसे सीज किया जाएगा।
अब भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने भी कचरे के खिलाफ आवाज बुलंद की है। भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत की खिलाफत के बाद यूनियन ने 24 दिसंबर को भोपा रोड पर पंचायत का ऐलान किया। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चैधरी राकेश टिकैत पंचायत में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहेंगे। भाकियू जिलाध्यक्ष नवीन राठी ने बताया कि भाकियू ने 17 दिसंबर को किसान दिवस में प्रदूषण को लेकर पहले ही प्रशासन को चेतावनी दे दी थी। किसानों से पंचायत में शामिल हो और प्रदूषण के खिलाफ आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की गई है।






