मुजफ्फरनगर। जनपद में पहली बार नागरिक सुरक्षा कोर का गठन किया गया है। इस कोर में उन लोगों को शामिल किया जा रहा है जिन्होंने पूर्व में आपदा, आपातकालीन परिस्थितियों अथवा कोरोना काल जैसी घड़ियों में जिला प्रशासन और आम जनता की मदद की थी। उत्साही और जिम्मेदार युवाओं को स्वेच्छा से वालंटियर के रूप में जुड़ने के लिए आमंत्रित किया गया है।
नागरिक सुरक्षा विभाग की ओर से जिला पंचायत सभागार में आयोजित बैठक में आपदा की स्थिति में चेतावनी ध्वनि (सायरन) की स्थापना पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने कहा कि सिविल डिफेन्स टीम आम जनता के साथ मिलकर आपात स्थितियों में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19, महामारी, युद्ध, आगजनी, बाढ़, सूखा और दंगा जैसी किसी भी आपदा में प्रशिक्षित वालंटियर जनता की मदद करेंगे और अफवाहों पर रोक लगाने में भी सहयोग करेंगे। उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा कश्मीर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक चरण में 300 वालंटियर की टीम का गठन किया जा रहा है। इन्हें आपदा प्रबंधन, बचाव कार्य, प्राथमिक उपचार और पब्लिक सपोर्ट जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नागरिक सुरक्षा कोर प्रशासन और जनता के बीच मजबूत कड़ी बनेगा, जिससे आपदा की स्थिति में त्वरित मदद उपलब्ध कराई जा सकेगी। बैठक में उप जिलाधिकारी खतौली राजकुमार, पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल कुमार चौबे, जिला अग्निशमन अधिकारी आर.के. यादव, तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड़, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार, जिला कृषि अधिकारी राहुल तेवतिया, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता, सहायक अभियंता सिंचाई अनस खान, श्रम अधिकारी शालू राणा समेत कई अन्य अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।







