खतौली। नगर में चल रहे छडियान मेले के बड़े झूलों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया। वीडियो में झूले हवा में खतरनाक तरीके से झूलते दिखाई दे रहे हैं। साथ ही यहां उस समय अफरा तफरी मच गई, जब हिंडोला झूला तकनीकी कारणों से रुक गया और झूले में बैठे लोग 50 फुट से ऊंचे झूले में आधा घंटा तक लटके रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले में बड़े रिंग झूले, नाव झूले और अप्पू घर जैसे झूले भी संचालित किए जा रहे हैं, लेकिन इनमें सुरक्षा इंतजाम नदारद हैं। लोगों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते कार्रवाई न हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है। मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम खतौली राजकुमार ने तुरंत संज्ञान लेते हुए टीम भेजी और झूलों को बंद कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के खतरनाक झूले चलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इस पूरे प्रकरण में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि इन झूलों को चलाने की पैरवी ठेकेदार के साथ मलाई चाट रहे कुछ सभासद करते नजर आ रहे हैं। जब मीडिया ने उनसे परमिशन और हादसे की आशंका को लेकर सवाल किए तो वो कन्नी काटते दिखाई दिए। फिलहाल, प्रशासन ने झूले बंद करा दिए हैं। लेकिन अब सवाल उठ रहा है कि आखिर इतने बड़े और जोखिमभरे झूले बिना अनुमति के कैसे लगाए गए और जिला प्रशासन व नगर निकाय की भूमिका क्या रही।स्थानीय लोगों की निगाहें अब जिलाधिकारी और प्रशासन पर टिकी हैं कि भविष्य में इस तरह की खतरनाक गतिविधियों पर स्थायी रोकथाम के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।






