मुज़फ्फरनगर। कानपुर से शुरू हुई आई लव मौहम्मद और महादेव की चिंगारी को चंद लोगों ने मुजफ्फरनगर में हवा देने की कोशिश की। पुलिस ने समय रहते एक हिंदूवादी नेता द्वारा लगाए गए आईलव महादेव के पोस्टरों को हटवा दिया। खतौली में एक धार्मिक स्थल के बाहर आई लव मौहम्मद को पोस्टर लगाए जाने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने पोस्टर को हटाकर माहौल को शांत किया। कानून व्यवस्था की दृष्टि पुलिस दिन भर अलर्ट मोड पर रही। हालांकि दोनों समुदाय के बडे वर्ग ने इस तरह की कोशिशों को गलत बताते हुए सांप्रदायिक सौहार्द का परिचय दिया।
यूपी समेत देश के तमाम हिस्सों में शुरू हुए आई लव मौहम्मद और आई लव महादेव के पोस्टर वार को लेकर शुक्रवार को पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया था। एसएसपी संजय कुमार वर्मा और एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत के साथ गुरूवार देर रात शहर की सडकों पर फ्लैग मार्च किया था। शुक्रवार सुबह से ही पुलिस सड़क पर थी। एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत और एडीएम प्रशासन संजय कुमार की अगुवाई में खालापार में पैदल मार्च भी किया। इसके अलावा पूरे जिले को चार सुपर जोन, 8 जोन और 20 सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा के चाक चैबंद प्रबंध किए गए थे। शुक्रवार को एक हिंदू वादी नेता ने शहर के प्रमुख चैराहों पर आई लव महादेव के पोस्टर लगा दिए। संज्ञान में आते ही पुलिस ने इन पोस्टरों को हटवाने में देरी नहीं की। हिंदूवादी नेता का कहना था कि पोस्टर उनके द्वारा नहीं हटवाएं गए है। बडी बात यह है कि दोनों समाज के लोगों ने इस वार को नकारते हुए आपसी भाईचारे का संदेश ही दिया। पुलिस अधिकारियों ने साफ तौर से कहा है कि शांति व्यवस्था बिगाडने की किसी भी कोशिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
खतौली संवाददाता के मुताबिक शुक्रवार को नगर के मोहल्ला मिट्ठू लाल में एक धार्मिक स्थल के बाहर ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे हुए पोस्टर अचानक दिखाई देने से माहौल में हलचल मच गई। अधिकारियों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पोस्टर हटवाए। मुस्लिम समाज ने प्रशासन के इस आग्रह को स्वीकार करते हुए पूर्ण सहयोग दिया, जिससे कोई विवाद खड़ा नहीं हुआ। इसके अलावा कस्बे के जानसठ तिराहा स्थित मस्जिद अकबर खान में भी जुमे की नमाज शांति व सौहार्दपूर्ण वातावरण में अदा की गई। इस दौरान सीओ खतौली रामाशीष यादव और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दिनेश चंद्र बघेल स्वयं मौके पर मौजूद रहे। कस्बे की अन्य मस्जिदों में भी पुलिस द्वारा लगातार गश्त की गई और विशेष रूप से मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों की मस्जिदों पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई। अधिकारियों ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है, और सभी धर्मों के लोगों से सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई।









