मुज़फ्फरनगर। करवा चौथ के समापन के बाद अब जनपद में अहोई अष्टमी के पर्व की तैयारियाँ जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। शनिवार को शहर और कस्बों के बाजारों में पूजा-सामग्री, खिलौने, मिट्टी के दीपक, करछुल, और सुहाग सामग्री बेचने वाले दुकानदारों ने अपनी दुकानें सजा लीं। महिलाओं की भीड़ ने बाजारों को एक बार फिर त्योहार की रौनक से भर दिया।
सुबह से ही बाजारों में चहल-पहल देखी गई। लोग थालियाँ, करछुल, मिट्टी के बर्तन, कुमकुम, चावल, कलावा, चुनरी, फल-फूल, और मिठाइयों की खरीदारी करते नजर आए। दुकानदारों ने भी पर्व की मांग को देखते हुए विभिन्न आकर्षक वस्तुएं और सजे हुए पूजा थाल बाजार में उपलब्ध कराईं। महिलाओं ने बताया कि अहोई अष्टमी का व्रत माताएँ अपने बच्चों की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए रखती हैं। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर संतान की रक्षा और कल्याण की कामना करती हैं। शाम को पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद कथा सुनकर व्रत का समापन किया जाता है।शहर के प्रमुख बाजारो सर्राफा बाजार, नई मंडी और भगत सिंह रोड मार्केट में भीड़भाड़ रही। दुकानदारों के चेहरों पर बिक्री को लेकर उत्साह दिखाई दिया। मिठाई की दुकानों पर भी खरीदारों की भीड़ उमड़ी रही, वहीं खिलौनों और मिट्टी के बर्तनों की दुकानों पर बच्चों की रौनक ने माहौल को और रंगीन बना दिया। इस अवसर पर स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि त्योहारों का यह मौसम ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों की अर्थव्यवस्था में नई जान डालता है। लोगों की खरीदारी से बाजारों में फिर से रौनक लौट आई है। अहोई अष्टमी के इस शुभ अवसर पर हर ओर श्रद्धा, उत्साह और उमंग का माहौल दिखाई दे रहा है।







