मुजफ्फरनगर। जनपद एवं आसपास के क्षेत्रों में अवैध व अनाधिकृत रूप से पशुओं का सीमेन तैयार कर बेचने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) ने विकास भवन परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासन के माध्यम से सौंपा गया।
ज्ञापन में बताया गया कि मुजफ्फरनगर व आसपास के जनपदों में जनाविकृत एवं नकली पशु सीमेन का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस सीमेन के प्रयोग से पशुओं में बांझपन, खुरपका-मुंहपका जैसी गंभीर बीमारियां फैल रही हैं, जिससे कई पशुओं की मृत्यु हो चुकी है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पशुओं के बीमार या बांझ हो जाने पर किसान उन्हें खुला छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं, जिससे आवारा पशुओं की संख्या बढ़ रही है। ये पशु खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और कई बार किसानों पर हमला भी कर रहे हैं, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है। संगठन ने दावा किया कि इस समस्या के कारण अब तक कई किसानों की जान जा चुकी है। भाकियू अराजनीतिक के पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद केवल आश्वासन ही दिए जा रहे हैं, जबकि भारत सरकार की अधिसूचना पीसीआईसीडीए एक्ट-2009 के तहत ऐसे मामलों में कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान है। आरोप लगाया गया कि इस अवैध कारोबार में पशुपालन विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आ रही है, जो प्रदेश सरकार की देशी गो-संवर्धन एवं पशु नस्ल सुधार योजनाओं को नुकसान पहुंचा रही है। संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की कि बिना पंजीकरण पशु सीमेन तैयार व विक्रय करने वालों को शीघ्र चिन्हित कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों और पशुधन को हो रहे नुकसान पर रोक लग सके। धरने में जिला अध्यक्ष सुधीर पवार, तहसील अध्यक्ष जानसठ अंकित जावला, मंडल महासचिव विपिन त्यागी, महानगर अध्यक्ष शहजाद राव, नौशाद कस्सार, सुमित, आकाश, राजीव सहित अनेक पदाधिकारी व किसान मौजूद रहे। धरने की अध्यक्षता विजय सहरावत ने की।






