-एसएसपी संजय वर्मा की दो टूक, अधिकारी हर समय पीड़ा सुनने को तैयार
-जाम लगाया तो इंसानियत और कानून का मुल्जिम मानकर की जाएगी कार्रवाई
मुजफ्फरनगर। जिले में छोटी- छोटी बात पर जाम लगाने की बरसों पुरानी परंपरा को तोड़ने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने नई मुहिम शुरू की है। उन्होंने जाम लगाने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए है। यदि किसी को भी दिक्कत है, तो अधिकारी हर समय सुनने को तैयार है, ऐसे में जाम लगाकर जनमानस को प्रताड़ित करने का क्या औचित्य है। यदि पुलिस कार्यशैली से असंतुष्ट है, तो बताएं, जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई अमल में लायी जाएगी।
शाहपुर में दुष्कर्म के मामले में जाम के दौरान आत्मदाह की बड़ी अनहोनी टल गई। पुलिस ने समय रहते तेल अपने कब्जे में लेकर इस प्रयास को नाकाम कर दिया है। सोचिए यदि ऐसा हो जाता तो पुलिस के मुंह पर कालिख पुत जाती। एसएसपी ने घटना को गंभीरता से लेकर जाम लगाने वालों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इस घटना के बाद एसएसपी संजय वर्मा ने जाम की परंपरा को तोड़ने के लिए मुहिम तेज की है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हर व्यक्ति की बात सुनने को तैयार है, तो जाम लगाने की छूट भी किसी को नहीं दी जाएगी। शाहपुर प्रकरण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को साथ लेकर दोषी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की गई। ऐसे में जाम लगाने का क्या अर्थ था। जाम लगाने वाले आठ के करीब लोगों को जेल भेजा जा चुका है, जो लोग फरार है, उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने पुलिस उपाधीक्षकों और थाना प्रभारियों को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी मामले में ढिलाई न बरती जाए। दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर पीड़ित को इंसाफ दिलाया जाए। यदि कोई जाम लगाता है तो उससे सख्ती से निपटा जाए। ऐसे तत्वों के खिलाफ एफआईआर कर दर्ज कार्रवाई की जाए। जाम लगाने से आम लोगों को बहुत दिक्कत होती है। किसी को अस्पताल जाना है तो किसी को अपनी ड्यूटी पर सही समय पर पहुंचना है। जाम के चलते आम लोगों की मुश्किल बढ़ती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें कोई समस्याएं है तो अधिकारियों को बताए, उसका निराकरण कराया जाएगा, लेकिन पेशबंदी और फर्जी नामजदगी को लेकर ऐसे दबाव कतई सहन नहीं किए जाएंगे।






