खतौली। कस्बा का प्रतिष्ठित धार्मिक मेला छाड़ियान इस बार अधर में लटका हुआ नज़र आ रहा है। नगर पालिका परिषद द्वारा अब तक छह बार नीलामी (बोली प्रक्रिया) कराई जा चुकी है, लेकिन हर बार बोली असफल रहने से मेले का आयोजन अब तक तय नहीं हो पाया है।
करीब 50 वर्षों से अधिक पुराना यह मेला जन्माष्टमी के अवसर पर शुरू होता है और स्थानीय आस्था का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस बार नगर पालिका परिषद की सुस्ती और नीलामी प्रक्रिया में बार-बार विफलता के कारण मेला संकट में है। नगर पालिका ने मेले के लिए ठेकेदारों से 46.50 लाख रुपये की निर्धारित राशि तक बोली लगाने की शर्त रखी थी, किंतु अब तक कोई भी ठेकेदार उस राशि तक बोली नहीं लगा सका।
गत दिवस छठी बोली भी असफल रही, जिसके बाद नगर पालिका सभागार में वार्ड सभासदों ने जमकर हंगामा किया। सभासदों का आरोप है कि धार्मिक मेले को नगर पालिका ने राजस्व अर्जन का साधन बना दिया है, जबकि यह लोगों की आस्था से जुड़ा आयोजन है। सभासदों की मांग है कि जब बोली प्रक्रिया सफल नहीं हो रही है, तो इस बार नगर पालिका परिषद स्वयं मेला आयोजित करे, जैसा कि पहले भी किया जाता रहा है। हंगामे के दौरान नगर पालिका चेयरमैन हाजी शाहनवाज लालू की अनुपस्थिति पर भी सवाल खड़े हुए। सभासदों ने नाराज़गी जताई कि छह नीलामियों में चेयरमैन एक बार भी मौजूद नहीं रहे, जबकि यह शहर का बड़ा धार्मिक मेला है। इस पूरे विवाद पर चेयरमैन हाजी शाहनवाज लालू ने कहा कि वे लगातार प्रयासरत थे कि मेला निर्धारित राशि पर ही नीलाम हो। आज की बोली आख़िरी थी। इसमें जो 39 लाख रुपये की सर्वोच्च बोली आई है, उसे शासन को भेजा जा रहा है। शासन से जो भी निर्णय मिलेगा, उसी के अनुरूप मेले का आयोजन कराया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि छाड़ियान मेला केवल व्यापारिक आयोजन नहीं बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ा है, ऐसे में नगर पालिका को जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट कर मेले का आयोजन सुनिश्चित करना चाहिए। इसी कड़ी में सभासद विनोद शेरवान, सोनू चौधरी, हाजी वसीम, सभासद अजय भुर्जी, अथयशाम, विशाल तोमर, सद्दाम, अशद खान उर्फ शालू, कपिल मौतला, कमल वर्मा, अभिषेक खटीक, सौरभ जैन आदि मौजूद रहे।






